खोजे गए परिणाम

सहेजे गए शब्द

"जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ" शब्द से संबंधित परिणाम

जब तक

जिस समय तक, ऐसे समय तक

जब तक दम है, तब तक ग़म है

दुख और चिंता जान के साथ हैं, साथ नहीं छोड़ते अर्थात जीवन में दुखों से बचने का कोई उपाय नहीं

जब तक पहिय्या लुढ़के, लुढ़काए जाओ

जब तक काम निकलता है, निकाले जाओ

ऊँट जब तक पहाड़ के नीचे न आए किसी को अपने से ऊँचा नहीं समझता

जब तक बच्चा रोता नहीं माँ दूध नहें देती

बिना माँगे कुछ नहीं मिलता

जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ

मतलब की दोस्ती है, जब तक मतलब निकलता रहेगा, साथ रहेगा, अपना मतलब ख़त्म हुआ और दोस्ती ख़त्म

जब तक ऊँट पहाड़ के नीचे नहीं आता, तब तक वह जानता है मुझ से ऊँचा कोई नहीं

जब तक किसी मनुष्य का अपने से अधिक योग्य व्यक्ति से पाला नहीं पड़ता तब तक वह अपने को ही सब से बड़ा समझता है

जब तक साँस, तब तक आस बाक़ी है

अंतिम साँस तक जीवन की आस रहती है

जब तक जान में जान है

ज़िंदगी भर, जब तक ज़िंदा हैं

जब तक जान क़ालिब में है

जब तक ज़िंदगी है, (रुक) जब तक जान में जान है

जब तक चाँद और सूरज हैं

क़ियामत तक, सदैव

जब तक साँस, तब तक आस

अंतिम साँस तक जीवन की आस रहती है

जब तक जीना, तब तक सीना

उम्र भर कठोर परिश्रम करना पड़ता है, उम्र भर मज़दूरी करना और खाना

जब तक साँस, तब तक आस बाक़ी

अंतिम साँस तक जीवन की आस रहती है

जब तक तंग दस्ती है परहेज़-गारी है

ग़ुर्बत में आदमी नेक चलन रहता है

जब तक साक़ी, तब तक आस

As long as there is a cup-bearer or protector, there is a hope.

जब तक क बाबू तब तक करूँ अपने क़ाबू

ख़ुशामद करने वाला दूसरे को अपने क़ाबू मैन कर लेता है

जब तक बहू कुवारी तब तक सास वारी , बहू आई गोद में लाड गया हौज़ में

रुक : जब तक बहू रही कुंवारी सास रही वारी . . .

जब तक बहू रही कुँवारी सास रही वारी , जब बहू गई ब्याही पड़ गई ख़ुवारी

जब तक शादी नहीं हो जाती सास बहू की बहुत ख़ातिरदारी करती है शादी के बादहू क़दर नहीं रहती

भोग बिलास, जब तक साँस

जब तक ज़िंदगी है मज़े उड़ाने चाहिए

दर्ज़ी का लड़का जब तक जियेगा तब तक सियेगा

इंसान को मआश के लिए उम्र भर जद्द-ओ-जहद करनी पड़ती है, अगर कमाते नहीं तो गुज़र बसर कैसे हो

ऊँट जब तक पहाड़ के नीचे न आए किसी को अपने से ऊँचा नहीं समझता

रिकाबी में जब तक भात , मेरा तेरा साथ

फ़ायदा का लालच रखता है, मतलब का यार है

गीदड़ उछला उछला जब अंगूर के ख़ोशे तक न पहुँचा तो कहा अंगूर खट्टे होते हैं

बहुतेरी तदबीर की जब एक ना चली तो दूसरों ही का क़सूर बताया जब कोई तदबीर बिन नहीं पड़ती तो अपनी शर्मिंदगी मिटाने को दूसरों का क़सूर बताते हैं

भैंस दूध को कढ़वा पीवे हंगा घटे न जब तक जीवे

भैंस का दूध बड़ा ताक़त दह होता है जो उसे काढ़ कर पीता रहे जब तक जीता रहेगा उस की ताक़त कम ना होगी

ऊँट जब तक पहाड़ के नीचे नहीं जाता, तब तक ही जानता है मुझ से ऊँचा कोई नहीं

जब तक किसी मनुष्य का अपने से अधिक योग्य व्यक्ति से पाला नहीं पड़ता तब तक वह अपने को ही सब से बड़ा समझता है

गीदड़ उछ्ला उछ्ला जब अंगूर के ख़ोशे तक न पहुँचा तो कहा अख़ थू

बहुतेरी तदबीर की जब एक ना चली तो दूसरों ही का क़सूर बताया जब कोई तदबीर बिन नहीं पड़ती तो अपनी शर्मिंदगी मिटाने को दूसरों का क़सूर बताते हैं

झाँसी गले की फाँसी , दत्या गले का हार , ललत पूर न छोड़िये जब तक मिले उधार

इन शहरों के मुताल्लिक़ लोगों के ख़्यालात ये हैं कि शहर झांसी गले की फांसी की मानिंद है यानी पीछा छुड़ाना मुश्किल है और दतिया बहुत मुहब्बत करने वाला है और ललित पर को इस वक़्त तक नहीं छोड़ना चाहिए जब तक वहां उधार मिलता रहे

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ के अर्थदेखिए

जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ

jab tak rikaabii me.n bhaat, tab tak meraa teraa saathجب تک رِکابی میں بھات، تب تک میرا تیرا ساتھ

कहावत

जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ के हिंदी अर्थ

  • मतलब की दोस्ती है, जब तक मतलब निकलता रहेगा, साथ रहेगा, अपना मतलब ख़त्म हुआ और दोस्ती ख़त्म
  • स्वार्थियों के प्रति व्यंग में ऐसा कहते हैं

جب تک رِکابی میں بھات، تب تک میرا تیرا ساتھ کے اردو معانی

  • Roman
  • Urdu
  • مطلب کی دوستی ہے، جب تک مطلب نکلتا رہے گا، ساتھ رہے گا، اپنا مطلب ختم ہوا اور دوستی ختم
  • مطلب پرست کے متعلق طنزاََ ایسا کہتے ہیں

Urdu meaning of jab tak rikaabii me.n bhaat, tab tak meraa teraa saath

  • Roman
  • Urdu

  • matlab kii dostii hai, jab tak matlab nikaltaa rahegaa, saath rahegaa, apnaa matlab Khatm hu.a aur dostii Khatm
  • matlabaprast ke mutaalliq tanazzaa a.isaa kahte hai.n

खोजे गए शब्द से संबंधित

जब तक

जिस समय तक, ऐसे समय तक

जब तक दम है, तब तक ग़म है

दुख और चिंता जान के साथ हैं, साथ नहीं छोड़ते अर्थात जीवन में दुखों से बचने का कोई उपाय नहीं

जब तक पहिय्या लुढ़के, लुढ़काए जाओ

जब तक काम निकलता है, निकाले जाओ

ऊँट जब तक पहाड़ के नीचे न आए किसी को अपने से ऊँचा नहीं समझता

जब तक बच्चा रोता नहीं माँ दूध नहें देती

बिना माँगे कुछ नहीं मिलता

जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ

मतलब की दोस्ती है, जब तक मतलब निकलता रहेगा, साथ रहेगा, अपना मतलब ख़त्म हुआ और दोस्ती ख़त्म

जब तक ऊँट पहाड़ के नीचे नहीं आता, तब तक वह जानता है मुझ से ऊँचा कोई नहीं

जब तक किसी मनुष्य का अपने से अधिक योग्य व्यक्ति से पाला नहीं पड़ता तब तक वह अपने को ही सब से बड़ा समझता है

जब तक साँस, तब तक आस बाक़ी है

अंतिम साँस तक जीवन की आस रहती है

जब तक जान में जान है

ज़िंदगी भर, जब तक ज़िंदा हैं

जब तक जान क़ालिब में है

जब तक ज़िंदगी है, (रुक) जब तक जान में जान है

जब तक चाँद और सूरज हैं

क़ियामत तक, सदैव

जब तक साँस, तब तक आस

अंतिम साँस तक जीवन की आस रहती है

जब तक जीना, तब तक सीना

उम्र भर कठोर परिश्रम करना पड़ता है, उम्र भर मज़दूरी करना और खाना

जब तक साँस, तब तक आस बाक़ी

अंतिम साँस तक जीवन की आस रहती है

जब तक तंग दस्ती है परहेज़-गारी है

ग़ुर्बत में आदमी नेक चलन रहता है

जब तक साक़ी, तब तक आस

As long as there is a cup-bearer or protector, there is a hope.

जब तक क बाबू तब तक करूँ अपने क़ाबू

ख़ुशामद करने वाला दूसरे को अपने क़ाबू मैन कर लेता है

जब तक बहू कुवारी तब तक सास वारी , बहू आई गोद में लाड गया हौज़ में

रुक : जब तक बहू रही कुंवारी सास रही वारी . . .

जब तक बहू रही कुँवारी सास रही वारी , जब बहू गई ब्याही पड़ गई ख़ुवारी

जब तक शादी नहीं हो जाती सास बहू की बहुत ख़ातिरदारी करती है शादी के बादहू क़दर नहीं रहती

भोग बिलास, जब तक साँस

जब तक ज़िंदगी है मज़े उड़ाने चाहिए

दर्ज़ी का लड़का जब तक जियेगा तब तक सियेगा

इंसान को मआश के लिए उम्र भर जद्द-ओ-जहद करनी पड़ती है, अगर कमाते नहीं तो गुज़र बसर कैसे हो

ऊँट जब तक पहाड़ के नीचे न आए किसी को अपने से ऊँचा नहीं समझता

रिकाबी में जब तक भात , मेरा तेरा साथ

फ़ायदा का लालच रखता है, मतलब का यार है

गीदड़ उछला उछला जब अंगूर के ख़ोशे तक न पहुँचा तो कहा अंगूर खट्टे होते हैं

बहुतेरी तदबीर की जब एक ना चली तो दूसरों ही का क़सूर बताया जब कोई तदबीर बिन नहीं पड़ती तो अपनी शर्मिंदगी मिटाने को दूसरों का क़सूर बताते हैं

भैंस दूध को कढ़वा पीवे हंगा घटे न जब तक जीवे

भैंस का दूध बड़ा ताक़त दह होता है जो उसे काढ़ कर पीता रहे जब तक जीता रहेगा उस की ताक़त कम ना होगी

ऊँट जब तक पहाड़ के नीचे नहीं जाता, तब तक ही जानता है मुझ से ऊँचा कोई नहीं

जब तक किसी मनुष्य का अपने से अधिक योग्य व्यक्ति से पाला नहीं पड़ता तब तक वह अपने को ही सब से बड़ा समझता है

गीदड़ उछ्ला उछ्ला जब अंगूर के ख़ोशे तक न पहुँचा तो कहा अख़ थू

बहुतेरी तदबीर की जब एक ना चली तो दूसरों ही का क़सूर बताया जब कोई तदबीर बिन नहीं पड़ती तो अपनी शर्मिंदगी मिटाने को दूसरों का क़सूर बताते हैं

झाँसी गले की फाँसी , दत्या गले का हार , ललत पूर न छोड़िये जब तक मिले उधार

इन शहरों के मुताल्लिक़ लोगों के ख़्यालात ये हैं कि शहर झांसी गले की फांसी की मानिंद है यानी पीछा छुड़ाना मुश्किल है और दतिया बहुत मुहब्बत करने वाला है और ललित पर को इस वक़्त तक नहीं छोड़ना चाहिए जब तक वहां उधार मिलता रहे

संदर्भग्रंथ सूची: रेख़्ता डिक्शनरी में उपयोग किये गये स्रोतों की सूची देखें .

सुझाव दीजिए (जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ)

नाम

ई-मेल

प्रतिक्रिया

जब तक रिकाबी में भात, तब तक मेरा तेरा साथ

चित्र अपलोड कीजिएअधिक जानिए

नाम

ई-मेल

प्रदर्शित नाम

चित्र संलग्न कीजिए

चित्र चुनिए
(format .png, .jpg, .jpeg & max size 4MB and upto 4 images)

सूचनाएँ और जानकारी प्राप्त करने के लिए सदस्यता लें

सदस्य बनिए
बोलिए

Delete 44 saved words?

क्या आप वास्तव में इन प्रविष्टियों को हटा रहे हैं? इन्हें पुन: पूर्ववत् करना संभव नहीं होगा

Want to show word meaning

Do you really want to Show these meaning? This process cannot be undone