खोजे गए परिणाम
",Wasi" शब्द से संबंधित परिणाम
वासे'
फैलने वाला, व्यापक, विस्तृत
वासी
कपड़े पहनने वाला, मलबूस, जिस के बदन पर कपड़े हों, ख़ुशपोशाक
वैसे
उस प्रकार से, उमूमन, आम तौर से, दूसरे पहलूओं
वैसा
ऐसा, जैसा-वैसा काम करो कि लोग तुम्हें पुरस्कृत करें
वैसी
वैसा का स्त्री., उस जैसी, उस की तरह, उस अंदाज़ की, उस तरह की, पहले जैसी, उस प्रकार का, उस तरह का, उस प्रकार, उतना
फिर चिकने घड़े की तरह वैसे के वैसे
बेशरम, बद लिहाज़ की निसबत बोलते हैं
जैसा बादशाह वैसा वज़ीर
जैसा आक़ा बुरा वैसा नौकर, दोनों नालायक़
जैसा मुँह वैसा थप्पड़
as the question so the answer, a bad cat deserves a bad rat
जैसा मुँह वैसा थप्पड़
जो व्यक्ति जितना उचित हो उस के साथ वैसा ही व्यवहार होता है
जैसा गाँव देखिये वैसे रोज़े रखिये
रुक: जैसा देस वैसा भेस ज़माने के मुवाफ़िक़ काम करना चाहिए
जैसा मुँह वैसा थपेड़
जो शख़्स जिस लायक़ हो इस के साथ वैसा ही सुलूक होता है
जैसा मुँह वैसी चपेड़
रुक: जैसा मुंह वैसा थप्पड़
वैसे का वैसा
जैसा था उसी तरह, जूँ का तूँ, हुबहू, बिलकुल वैसा
जैसी रूह वैसे फ़रिश्ते
जैसा आदमी होता है वैसे ही उस के साथी होते हैं
जैसा सूत वैसा फेंटा, जैसा बाप वैसा बेटा
जैसे बुज़ुर्ग होते हैं वैसी ही औलाद होती है
जैसी ख़ंदी 'ईद वैसा भड़वा मुहर्रम
जब ख़ावंद और बीवी दोनों झुल्य् और तुंद मिज़ाज और बदज़ात हूँ तो उन की निसबत भी बोला करते हैं,दोनों एक से बेफ़ाइदा और बेकार
जैसा दूध, वैसा बुद्ध
बुद्धि परिवार के अनुकूल होती है
जैसे बाँधो वैसे पाओ
सावधानी बरतने से वस्तु सुरक्षित रहती है, एहतियात से चीज़ महफ़ूज़ रहती है
जिस तरह की रूह, वैसे फ़रिश्ते
रुक : जैसी रूह वैसे फ़रिश्ते
जैसी गंगा नहाए वैसे फल पाए
व्यंग है कि गंगा में नहाने से क्या होता है केवल मूँछें मुँड जाती हैं
जैसे ओढ़ी कम्बली , वैसा ओढ़ा खेस
दुनिया की वासरत-ओ-इशरत क्या दोनों नापायदार हैं, मुसीबत और आराम को एक जैसा समझो, जिस शख़्स के मिज़ाज में मुसावात हो वो ये कहा करता है
वैसे के वैसे
ویسا کا ویسا (رک) کی جمع ؛ جوں کے توں ، کسی تبدیلی کے بغیر
जैसी ओढ़ी काम्ली , वैसा ओढ़ा खेस
हर बात को मुसावी समझना,दुनिया के ऐश-ओ-मुसीबत की परवाह ना करना (जिस शख़्स के मिज़ाज में मुसावात हो वो कहता है) , मुसबीयत और आराम को एक जैसा समझना
जैसा दूध धौला, वैसी छाछ धौली
बाहरी रूप से आदमी धोखा खा जाता है, ऊपरी दिखावट से धोखे में पड़ना
जैसे थे घर के वैसे आए डोली चढ़ के
जैसे अपने थे वैसे ही बेगाने निकले
वैसा का वैसा
۔۱۔ جوں کا توں جیسے کا تیسا۲۔ ہوبہو۔ بجنسہ۔
जैसा देवता, वैसी पूजा
आदमी का सम्मान उस के मर्तबे के हिसाब से होता है
जैसे रूह वैसे फ़रिश्ते
रुक: जैसी रूह वैसे फ़रिश्ते
जैसी पड़े वैसी सहे
हर तरह की मुसबीयत बुरद शत कर ली , जो गुज़रे बर्दाश्त करे
वैसी की वैसी
ویسا کا ویسا (رک) کی تانیث ؛ جوں کی توں ،کسی تبدیلی کے بغیر
मुर्दा पर जैसे सौ मन मिट्टी, वैसे हज़ार मन
जब मुसीबत हद से गुज़र जाये फिर सैंकड़ों मुसीबतें कुछ मालूम नहीं होतीं , मुसीबत ज़िदों को आने वाली मुसीबतों का क्या डर , मुसीबत ख़ाह थोड़ी हो या बहुत मुसीबत ही तो है
जैसी पड़ी वैसी सही
हर तरह की मुसबीयत बुरद शत कर ली , जो गुज़रे बर्दाश्त करे
सब संसार काल का खाजा, जैसे गदवा वैसे राजा
बादशाह हो या फ़क़ीर, मौत सब के लिए अटल है
सब संसार मौत का खाजा, जैसे गदवा वैसे राजा
बादशाह हो या फ़क़ीर, मौत सब के लिए अटल है
जैसे मियाँ काठ , वैसी सन की दाढ़ी
(तंज़न) अहमक़ के मुताल्लिक़ कहते हैं
जैसा लेना देना, वैसा गाना-बजाना
जैसी मज़दूरी मिलती है वैसा ही काम होता है
जैसे हर गुन गाए वैसे फल पाए
जैसी सेवा करे, वैसा फल खावे
रुक : जैसी सेवा करे तैसा अलख , जिस तरह की ख़िदमत की जाये वैसा अज्र मिले
जैसी सेवा करे, वैसा फल पावे
रुक : जैसी सेवा करे तैसा अलख , जिस तरह की ख़िदमत की जाये वैसा अज्र मिले
मुर्दे पर जैसे सौ मन मिट्टी , वैसे हज़ार मन
जब मुसीबत पड़ी तो जैसी थोड़ी वैसी बहुत
जैसे एक बार, वैसे हज़ार बार
बुरा काम एक बार करना भी ऐसा ही है, जैसे हज़ार बार करना, कोई अंतर नहीं होता
जैसी तेरी आव-भगत, वैसी मेरी आशीरबाद
मेहरबानी के साथ मेहरबानी है
यार डोम ने किया रंघड़िया, और न देखा वैसा हड़िया
कुछ लोगों के ख़याल में रंघड़ प्राय: चोरी पेशा होते हैं इसी की तरफ़ संकेत है,
वसा'
एक पक्षी जो चिड़िया से छोटा होता है, ममोला
आदमी पर जैसी पड़ती है वैसा सहता है
फ़ारसी की प्रसिद्ध पंक्ति: बरसर-ए-फ़र्ज़ंद आदम हर चे आयद बगुज़रद का अनुवाद उर्दू में प्रयुक्त
जैसा देवे वैसा पावे , पूत बिठार के आगे आवे
जैसा कोई दूसरों के साथ सुलूक करे वैसा इस के ख़ानदान के साथ होता है
जैसा मुँह वैसा ही निवाला
रुक: जैसा मुँह वैसा थप्पड़
वसी'
विस्तृत, फैला हुआ, चौड़ा-चकला, चौड़ा, गुंजाइश वाला, बहुत लंबा चौड़ा
जैसा लेकड़ा भर , वैसा ठीकरा भर
जैसी गंगा नहाए वैसे फल खाए
जैसी गंगा नहाए वैसे फल पाए
जैसी माँ वैसी जाई
हर चीज़ अपने मूल का नमूना होती है
जब आया देही का अंत, जैसे गधा वैसे संत
जब मृत्यु आए तो सब बराबर हैं
जैसा तेरा लेना देना, वैसा मेरा गाना-बजाना
जैसी मज़दूरी मिलती है वैसा ही काम होता है
जैसी जा की बात वैसा वा का स्वाद
जिस तरह की गुफ़्तगु होती है, वैसे ही इस का इलम, अक़ल, मफ़हूम होता है
जो नर साएँ से डरे वासे डरो ज़रूर
अभिमानियों से बिल्कुल मत डरो, परन्तु जो परमेश्वर से डरता है उसी से डरो
जैसी रूह वैसा ही फ़रिश्ता
जैसा आदमी होता है, वैसे ही इस के साथी होते हैं, जैसा मिज़ाज या तबीयत हो वैसा ही सुलूक नसीब होता है