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गोई
कहने की क्रिया या भाव, वह जो कुछ कहा जाय। कथन, उक्ति, बोलना
ga
कीमिया : उंसिर गैलियम gallium की 'अलामत
गा गा के
لہک لہک کر ، لحن کے ساتھ ، ترنّم سے.
गई
जो बीत चुकी हो, बीती हुई, जैसे-गई रात
गो
गाय, गो, धेनु, कंदुक, गेंद, पोलो को गेंद (संस्कृत से साम्य) ।
गौ
अपने स्वार्थ या हित के साधन की प्रबल इच्छा। प्रयोजन। मतलब। जैसे-वह अपनी गौं को आवेगा। पद-गों का यार = मतलबी। स्वार्थी। मुहा०-गौं गांठना या निकालना = अपना मतलब निकालना। स्वार्थ साधन करना। गौं पड़ना मतलब होना।
गी
गा का स्त्रीलिंग, उसे क्रिया के आगे लगा कर क्रिया भविष्य और एक वचन रूप के साथ बहुवचन स्त्रीलिंग बनाते हैं
ग़ौ
हँगामा, शोर-गुल, चीख़, कड़क
ग़ाई
मक़सदी इंतिहाई, आख़िरी, असली, हक़ीक़ी
चढ़ेगा सो गिरेगा
جو ترقی کرے گا وہ تنزل بھی کرے گا ، عروج کو زوال بھی ہوگا.
जो सोवे गा वो खोवे गा
ग़फ़लत बरतने वाला नुक़्सान ही उठाता है
न चढ़े-गा , न गिरे-गा
ना तरक़्क़ी करेगा ना ज़वाल होगा, ऐसा काम क्यों करे जिस में नुक़्सान हो
कुत्ता देखेगा न भौंकेगा
हरीस और लालची को किसी के माल का पता चल जाये तो ज़रूर उसे खसोटने कीता क में लगेगा, इस लिए दुश्मन के सामने से हिट जाना बेहतर होता है
हमान-ए-गा
اسی وقت، فوراً، یکایک، جونہی کہ
जो गरजेगा वो बरसेगा क्या
शोर करने वाला कोई काम नहीं कर सकता, जो लोग डींगें मारते हैं वो करते कुछ नहीं
जो बोए गा वही काटे गा
जैसा काम करेगा इस का फल वैसा ही पाएगा
क्या उखाड़े गा
क्या बिगाड़ लेगा, क्या ज़रूर पहुंचा सकता है, कुछ नहीं कर सकता
जितना तपे गा उतना ही बरसे गा
जितनी गर्मी पड़ेगी इतनी बारिश ज़्यादा होगी
नंगा क्या नहाए गा क्या निचोड़े गा
रुक : नंगी किया नहाएगी किया निचोड़ेगी
गा बजा के
somehow, through sustained flattery or complaints, by cajoling
गा बजा कर
somehow, through sustained flattery or complaints, by cajoling
होता रहे गा
तुझ पर वबाल पड़ेगा, तू ही ऐसा रहेगा, तुझ पर ही ये बात पड़ेगी, गाली के ''जवाब'' में ये बात ज़बान पर लाते हैं यानी हमें बुरा कहेगा तो तू ही बुरा होगा, किसी काम या बात को टालने के लिए प्रयुक्त
थोड़ा बहुत गा लेना
कुछ संगीत की क्षमता होना, थोड़ा बहुत गाने की आदत होना
आगे देखा जाए गा
अगली बार जैसा उपयुक्त होगा वैसा किया जाएगा
गूह में ढेला फेंकेगा सो छींटे खाएगा
रज़ाले को छपड़े का सौ गालियां सुनेगा
खाँड खोंडेगा सो खाँड खाएगा
जो मेहनत करेगा सो मज़े उड़ाएगा
क्या पुकार करेगा
क्या मदद करेगा, क्या काम आएगा
हज़ारों बे-नुक़्त सुनाऊँगा
मियाऊँ को कौन पकड़े गा
बलशाली की आवाज़ से ही डर लगता है
ग़ैर के लिए कुँवाँ खोदेगा, सो आप ही डूबे गा
जो दूसरे को नुक़्सान पहुंचाने की कोशिश करता है ख़ुद ही नुक़्सान उठाता है
हाथ पाँव हिला भगवान देगा
आदमी को ख़ुद भी कोशिश करनी चाहिए ख़ाली तवक्कुल पर नहीं बैठ रहना चाहिए, आदमी कोशिश करे तो ख़ुदा उस की मदद करता है
हाथ पाँव हिला ख़ुदा देगा
आदमी को ख़ुद भी कोशिश करनी चाहिए ख़ाली तवक्कुल पर नहीं बैठ रहना चाहिए, आदमी कोशिश करे तो ख़ुदा उस की मदद करता है
गा बजा के अपना किया
(عور) جھوٹی چپڑ کر کے ہضم کر لیا ، کسی نہ کسی بہانے سے قبضہ کر لیا.
गा बजा कर अपना किया
(عور) جھوٹی چپڑ کر کے ہضم کر لیا ، کسی نہ کسی بہانے سے قبضہ کر لیا.
राजा रूठेगा अपनी नगरी लेगा
राजा क्रोधित होगा तो देश से निकाल देगा
लाए गा दारा तो खाए गी दारी, न लाए गा दारा तो पड़े गी ख़्वारी
पति कमा कर लाएगा तो पत्नी खाएगी, पति न कमाएगा तो फ़ाक़े होंगे
राजा रूठेगा नगरी लेगा
हाकिम नाराज़ होगा तो जिलावतन कर देगा और क्या करेगा (ऐसे मौक़ा पर मुस्तामल जहां किसी के नाराज़ हो जाने को कोई पर्वा ना हो
अंधे की दाद न फ़रियाद, अंधा मार बैठेगा
अक्षम की ग़लती पकड़ने के योग्य नहीं होती, विवश का कार्य पकड़ के योग्य नहीं
मेंह बरसे गा तो आही रहेगी
अपने अज़ीज़ों के पास दौलत होगी तो कुछ ना कुछ फ़ायदा हो ही जाएगा
मेंह बरसे गा तो ओलती टपके गी
अपने अज़ीज़ों के पास दौलत होगी तो कुछ ना कुछ फ़ायदा हो ही जाएगा
संख बजाओ सोवो साधू जो सुख पावे गा
मनुष्य को जिस बात की 'आदत हो जाए उस के बिना नींद नहीं आती, साधुओं को संख बजने से नींद आती है और आराम मिलता है
लातों का आदमी बातों से न मानेगा
रुक : लातों के भूत बातों से नहीं मानते जो ज़्यादा मुस्तामल है
कौन हर रोज़ अतालीक़ हो समझाए गा
मूर्ख आदमी को समझाना बहुत कठिन है, कम समझदार को सिखाना कठिन काम है
मेंह बरसेगा तो ओलती टपके गी ही
रुक : मीना बरसेगा तो औलती टपकेगी
मेंह बरसेगा तो ओलती टपके ही गी
रुक : मीना बरसेगा तो औलती टपकेगी
मेंह बरसे गा तो बौछाड़ तो आएगी
आपके अपनों के पास धन है तो कुछ न कुछ लाभ हो ही जाएगा
राजा रूठे गा अपनी नगरी लेगा
राजा नाराज़ होगा तो शहर से निकाल देगा, वहाँ कहते हैं जहाँ किसी की नाराज़गी की परवाह नहीं होती
सा-रे-गा-मा
The solfege (Do Re Mi Fa Sol La Ti Do) is the western equivalent of sargam (Sa Re Ga Ma Pa Dha Ni Sa)
डोम के घर ब्याह, मन आवे सो गा
दूसरी जगह जो भी अनुरोध हो गाना पड़ता है परंतु अपने घर में जो चाहो करो, अपने घर में सभी व्यक्ति अपनी इच्छा के मालिक होते हैं और जो चाहे कर सकते हैं
हज़ार हाथी लुटेगा फिर भी सवा लाख का
धनी और संपन्न के निर्धन हो जाने पर कहते हैं, अमीर और मालदार के ग़रीब हो जाने पर बोलते हैं