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क़ा'

ऊँबी-चौड़ी ज़मीन जो समतल भी हो

कय

title of ancient Persian kings, e.g. کیخسرو، کیقباد

काँ

where

कूँ

to

कीं

किसी जगह, कहीं

k.,

k-meson

रुक

vitamin k

हयातीन के (हयातीन क ) इन हयातीन के गिरोह में से कोई जो सबज़ पत्तों में पाई जाती हैं और ख़ून की बस्तगी के अमल के लिए लाज़िमी हैं ।

k

(खेल) बादशाह

काँ-काँ

کوّرے کی آواز .

mac(k)intosh

बरसाती

कें-कें

कुत्ते इत्यादि की आवाज़, कुत्ते के पिल्ले के रोने की आवाज़

कूँ-कूँ

cry or whining of puppies

हयातीन-क

وٹامن کے ، ی حیاتین سبز پتّوں وغیرہ میں پایا جاتا ہے.

काओ-काओ

कठिन परिश्रम एवं पीड़ा, प्रयास, कोशिश, मेहनत खटक, चुभन

k m

मुख़फ़्फ़फ़: किलोमीटर।

की-मू

एक लकड़ी जिससे फ़र्नीचर तैयार किया जाता है (हिमालय पर्वत के क्षेत्र में बहुत प्रयोग होती है)

वा-कूँ

رک : وا کو۔

या कूँ

اسے

याँ-कूँ

यहाँ, इस तरफ़ को

की-कराई

کیا کرایا (رک) کی تانیث ، ساری ، وہ تمام جدوجہد اور دوڑ دھوپ جو کیس کام کی تکمیل کے لیے کی گئی ہو.

कह

] के लिए

हाँ कूँ हाँ

رک : ہاں میں ہاں ۔

कू-ए-जानाँ

प्रेमिका की गली, माशूक़ की गली

तुम कों

رک : تمہیں

आज कूँ

आज, ऐसे अवसर पर, ऐसे दिनों में (अक्सर पछतावा एवं इच्छा के अवसर पर प्रयुक्त)

कूँ-कूँ करना

To groan, to moan.

नाम-कूँ

رک : نام کو ، فضول ، بیکار ۔

दो-इक

चंद, थोड़े, दो-चार

दाहिना धोवे बाएँ को, बायाँ धोवे दाएँ को

एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए

घर कों देवा तो मस्जिद कों देवा

آدمی کو اپنا حق مِلے تو وہ خدا کا حق بھی ادا کرتا ہے.

काटे बाढ़ नाम तलवार का, लड़े फ़ौज नाम सरदार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

लड़े फ़ौज नाम सरदार का, काटे धार नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

लड़े फ़ौज नाम सरदार का, काटे धार नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

काटे वार नाम तलवार का, लड़े फ़ौज नाम सरदार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

खेती रखे बाड़ को, बाड़ रखे खेती को

एक दूसरे की हिफ़ाज़त करते हैं

फ़ैसला महफ़ूज़ कर लेना ('अदालत का)

फ़ैसला सुरक्षित कर लेना

लड़े सिपाही नाम सरदार का, काटे बाढ़ नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

अल्लाह अल्लाह भाई के, दीदे भूटें नज़र हाई के

बच्चे का मुँह धुलाते समय उसे बहलाने या रोते को चुप कराने के लिए एक लोरी

शाबाश बी बी तिरे धड़के को, पादे आप लगावे लड़के को

क्या हौसला है कि क़सूर आप करे और दूओसरे के सर थोपे

शेख़ी सेठ के, धोती भाड़े की

शेखी तो बहुत है पास कुछ नहीं

अल्लाह अल्लाह भाई के, कान काटूँ नाई के

बच्चे का मुँह धुलाते समय उसे बहलाने या रोते को चुप कराने के लिए एक लोरी

क़र्ज़ काढ़ मेहमानी की, लौंडों मार दीवानी की

किसी भले व्यवहार का अंत बुरा होना अर्थात जिस व्यक्ति ने ऋण लेकर कोई काम किया अंत उस का यह होता है कि सभी आदमियों में निरादर और लांछन ही प्राप्त होता है

घमसान-की-लड़ाई

a mighty fight

दे दु'आ सम्धियाने को, फिरती दो दो दाने को

महिलाएँ लड़ाई में कहती हैं, इतनी निर्धन है कि अगर परिजन मदद न करते तो भूकी मरती

ठोकर लगी पहाड़ की, तोड़ें घर की सिल

शक्तिशाली से बस नहीं चलता, कमज़ोर को तंग करते हैं

ठोकर लगी पहाड़ की, घर की तोड़ें सील

शक्तिशाली से बस नहीं चलता, कमज़ोर को तंग करते हैं

खेल न जाने मुर्ग़ का, उड़ाने लगा बाज़

साधारण काम को कर नहीं सकता बड़े कामों में हाथ डालता है, छोटे काम कर नहीं सकता, बड़े काम का ज़िम्मा लेता है

क़र्ज़ काढ़ मेहमानी की, लौंडों मार दिवानी की

किसी भले व्यवहार का अंत बुरा होना अर्थात जिस व्यक्ति ने ऋण लेकर कोई काम किया अंत उस का यह होता है कि सभी आदमीयों में निरादर और लांछित मिलती है

शक्ल चुड़ैलों की, दिमाग़ परियों का

(औरत) कूरुपता पर ये दिमाग़ और नाज़ुक-मिज़ाजी (जब कोई बदसूरत औरत बहुत टिमाक से रहे तो कहते हैं)

क़ाह क़ाह हँसना

ज़ोर से हँसना कि हलक़ से क़ाह क़ाह की आवाज़ निकले, क़हक़हा मार के हँसना, ठट्ठा लगाना

शक्ल चुड़ैलों की, नाज़ परियों का

(ओ) बदसूरती पर ये दिमाग़ और नाज़ुक मिज़ाजी (जब कोई बदसूरत औरत नाज़ नख़रे करे तो कहते हैं

अल्लाह अल्लाह भाई के, कान काटूँ बिलाई के

बच्चे का मुँह धुलाते समय उसे बहलाने या रोते को चुप कराने के लिए एक लोरी

मुर्दे को रोए बेठ के, रिज़्क़ को रोए खड़े हो कर

रोज़ी रोज़गार का ग़म मर्दे के ग़म से ज़्यादा होता है

चाँद कों चाँद

हर महीने, प्रत्येक माह

मारे सिपाही नाम सरदार का, काटे बाढ़ नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी और का हो

मारे सिपाही नाम तलवार का, काटे तलवार नाम बाढ़ का

काम कोई करे नाम किसी और का हो

'ईद (के) पीछे टर (बरात पीछे धौंसा)

वह काम जो समय निकल जाने के बाद हो, असमय काम, अनुचित अवसर पर काम

शामतें कह के थोड़े आती हैं

मुसीबतें अचानक आती हैं, मुसीबतें ख़बर दे कर नहीं आतीं

कोह को काह जानना

सख़्त से सख़्त काम को भी आसान समझना

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क़ा'

ऊँबी-चौड़ी ज़मीन जो समतल भी हो

कय

title of ancient Persian kings, e.g. کیخسرو، کیقباد

काँ

where

कूँ

to

कीं

किसी जगह, कहीं

k.,

k-meson

रुक

vitamin k

हयातीन के (हयातीन क ) इन हयातीन के गिरोह में से कोई जो सबज़ पत्तों में पाई जाती हैं और ख़ून की बस्तगी के अमल के लिए लाज़िमी हैं ।

k

(खेल) बादशाह

काँ-काँ

کوّرے کی آواز .

mac(k)intosh

बरसाती

कें-कें

कुत्ते इत्यादि की आवाज़, कुत्ते के पिल्ले के रोने की आवाज़

कूँ-कूँ

cry or whining of puppies

हयातीन-क

وٹامن کے ، ی حیاتین سبز پتّوں وغیرہ میں پایا جاتا ہے.

काओ-काओ

कठिन परिश्रम एवं पीड़ा, प्रयास, कोशिश, मेहनत खटक, चुभन

k m

मुख़फ़्फ़फ़: किलोमीटर।

की-मू

एक लकड़ी जिससे फ़र्नीचर तैयार किया जाता है (हिमालय पर्वत के क्षेत्र में बहुत प्रयोग होती है)

वा-कूँ

رک : وا کو۔

या कूँ

اسے

याँ-कूँ

यहाँ, इस तरफ़ को

की-कराई

کیا کرایا (رک) کی تانیث ، ساری ، وہ تمام جدوجہد اور دوڑ دھوپ جو کیس کام کی تکمیل کے لیے کی گئی ہو.

कह

] के लिए

हाँ कूँ हाँ

رک : ہاں میں ہاں ۔

कू-ए-जानाँ

प्रेमिका की गली, माशूक़ की गली

तुम कों

رک : تمہیں

आज कूँ

आज, ऐसे अवसर पर, ऐसे दिनों में (अक्सर पछतावा एवं इच्छा के अवसर पर प्रयुक्त)

कूँ-कूँ करना

To groan, to moan.

नाम-कूँ

رک : نام کو ، فضول ، بیکار ۔

दो-इक

चंद, थोड़े, दो-चार

दाहिना धोवे बाएँ को, बायाँ धोवे दाएँ को

एक दूसरे की सहायता करनी चाहिए

घर कों देवा तो मस्जिद कों देवा

آدمی کو اپنا حق مِلے تو وہ خدا کا حق بھی ادا کرتا ہے.

काटे बाढ़ नाम तलवार का, लड़े फ़ौज नाम सरदार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

लड़े फ़ौज नाम सरदार का, काटे धार नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

लड़े फ़ौज नाम सरदार का, काटे धार नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

काटे वार नाम तलवार का, लड़े फ़ौज नाम सरदार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

खेती रखे बाड़ को, बाड़ रखे खेती को

एक दूसरे की हिफ़ाज़त करते हैं

फ़ैसला महफ़ूज़ कर लेना ('अदालत का)

फ़ैसला सुरक्षित कर लेना

लड़े सिपाही नाम सरदार का, काटे बाढ़ नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी का हो

अल्लाह अल्लाह भाई के, दीदे भूटें नज़र हाई के

बच्चे का मुँह धुलाते समय उसे बहलाने या रोते को चुप कराने के लिए एक लोरी

शाबाश बी बी तिरे धड़के को, पादे आप लगावे लड़के को

क्या हौसला है कि क़सूर आप करे और दूओसरे के सर थोपे

शेख़ी सेठ के, धोती भाड़े की

शेखी तो बहुत है पास कुछ नहीं

अल्लाह अल्लाह भाई के, कान काटूँ नाई के

बच्चे का मुँह धुलाते समय उसे बहलाने या रोते को चुप कराने के लिए एक लोरी

क़र्ज़ काढ़ मेहमानी की, लौंडों मार दीवानी की

किसी भले व्यवहार का अंत बुरा होना अर्थात जिस व्यक्ति ने ऋण लेकर कोई काम किया अंत उस का यह होता है कि सभी आदमियों में निरादर और लांछन ही प्राप्त होता है

घमसान-की-लड़ाई

a mighty fight

दे दु'आ सम्धियाने को, फिरती दो दो दाने को

महिलाएँ लड़ाई में कहती हैं, इतनी निर्धन है कि अगर परिजन मदद न करते तो भूकी मरती

ठोकर लगी पहाड़ की, तोड़ें घर की सिल

शक्तिशाली से बस नहीं चलता, कमज़ोर को तंग करते हैं

ठोकर लगी पहाड़ की, घर की तोड़ें सील

शक्तिशाली से बस नहीं चलता, कमज़ोर को तंग करते हैं

खेल न जाने मुर्ग़ का, उड़ाने लगा बाज़

साधारण काम को कर नहीं सकता बड़े कामों में हाथ डालता है, छोटे काम कर नहीं सकता, बड़े काम का ज़िम्मा लेता है

क़र्ज़ काढ़ मेहमानी की, लौंडों मार दिवानी की

किसी भले व्यवहार का अंत बुरा होना अर्थात जिस व्यक्ति ने ऋण लेकर कोई काम किया अंत उस का यह होता है कि सभी आदमीयों में निरादर और लांछित मिलती है

शक्ल चुड़ैलों की, दिमाग़ परियों का

(औरत) कूरुपता पर ये दिमाग़ और नाज़ुक-मिज़ाजी (जब कोई बदसूरत औरत बहुत टिमाक से रहे तो कहते हैं)

क़ाह क़ाह हँसना

ज़ोर से हँसना कि हलक़ से क़ाह क़ाह की आवाज़ निकले, क़हक़हा मार के हँसना, ठट्ठा लगाना

शक्ल चुड़ैलों की, नाज़ परियों का

(ओ) बदसूरती पर ये दिमाग़ और नाज़ुक मिज़ाजी (जब कोई बदसूरत औरत नाज़ नख़रे करे तो कहते हैं

अल्लाह अल्लाह भाई के, कान काटूँ बिलाई के

बच्चे का मुँह धुलाते समय उसे बहलाने या रोते को चुप कराने के लिए एक लोरी

मुर्दे को रोए बेठ के, रिज़्क़ को रोए खड़े हो कर

रोज़ी रोज़गार का ग़म मर्दे के ग़म से ज़्यादा होता है

चाँद कों चाँद

हर महीने, प्रत्येक माह

मारे सिपाही नाम सरदार का, काटे बाढ़ नाम तलवार का

काम कोई करे नाम किसी और का हो

मारे सिपाही नाम तलवार का, काटे तलवार नाम बाढ़ का

काम कोई करे नाम किसी और का हो

'ईद (के) पीछे टर (बरात पीछे धौंसा)

वह काम जो समय निकल जाने के बाद हो, असमय काम, अनुचित अवसर पर काम

शामतें कह के थोड़े आती हैं

मुसीबतें अचानक आती हैं, मुसीबतें ख़बर दे कर नहीं आतीं

कोह को काह जानना

सख़्त से सख़्त काम को भी आसान समझना

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