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bwana
अफ़्रीक़ा जनाब, सरकार, हुज़ूर [स्वाहिली ज़बान]
बीवी
पत्नी, जीवनसंगिनी, धर्मपत्नी, भार्या
बेवी
विधवा, विधवा स्त्री, वह स्त्री जिसका पति मर गया हो, राँड
बेवा
वह स्त्री जिसका पति मर गया हो, विधवा, विधवा स्त्री, राँड़
बुवाई
बुवाई, बोवाई, बीज-बोवाई, बीज-बुवाई, (बीज) बोना, बुआई, बीज बोने की मजदूरी
ऐ बुवा
(عود) بہن دایہ اور ہر بوڑھی عورت کو مخاطب کرنے کے لیے بولا جاتا ہے .
बावा फ़रीद का पुड़ा
شادی کی بری یا ساچق حضرت فرید الدین گنجِ شکر یا مہنْدی کا بڑا مخروطی پڑا جس پر سنہرے اور روپہلے خول چڑھے ہوتے ہیں .
बीवी नेक बख़्त, छटाँक दाल तीन वक़्त
पत्नी यदि बचत करने वाली हो तो थोड़े में भी गुज़ारा कर लेती है
बावा आदम के वक़्त का
out of the ark, very old, obsolete, out of date
बीवी बीवी 'ईद आई, चल दूर तुझे अपनी दाल टिकिया से काम
दुनिया के भोग विलास से ग़रीबों का क्या वास्ता
बीवी बीवी 'ईद आई, चल मुरदार तुझे अपनी दाल टिकिया से काम
दुनिया के भोग विलास से ग़रीबों का क्या वास्ता
बावा आदम के वक़्त की
बहुत पुराना या पुरानी, दक़यानूसी, पुराने ज़माने का या की
बीवी को बाँदी कहा हँस दी, बाँदी को बाँदी कहा रो दी
कमीने की वास्तविक्ता स्पष्ट की जाये या किसी का वास्तविक दोष वर्णित किया जाये तो उसे अप्रिय जान पड़ता है
बावा भला न भैया सब से बड़ा रूपैया
रूपये का महत्त्व संसार में सभी चीज़ों से बढ़ कर है
बीवी का दाना खाने वाला
जो पति अपनी पत्नी की आय पर जीता है, बीवी की कमाई खाने वाला
बुवा भसक्को ने सलीक़ा किया मियानी फाड़ घुटने पर पैवंद सिया
इस बद सलीक़ा और फूहड़ के लिए इस्तिहज़ा के तौर पर मुस्तामल है जो एक मामूली चीज़ की दरूस्तगी की कोशिश में दूसरी अहम चीज़ को तबाह-ओ-बर्बाद करदे
बावा आवे ताली बाजे
बुज़ुर्ग आए तो ख़ुदबख़ुद शहरा होता है
बीवी ख़ेला दो चिट्टे एक मेला
जहाँ महिलाएँ इकठ्ठी हो जाएँ एक मेले जितना शोर होता है
बीवी ख़ैला दो चिट्टे एक मैला
फूहड़ और काहिल महिलाओं के संबंध में कहते हैं जो कुछ कपड़े धुले हुए पहन ले और कुछ मैले ही रहने दे
बीवी का ग़ुलाम
जो अपनी पत्नी की ही बातों पर रहता हो, उस की हर बात मानता और उस के ही इशारों पर जीता हो, जोरू का ग़ुलाम
बावा आदम निराला होना
विधि, नियम आदि सभी से भिन्न होना
बावा मरेंगे तब ही बैल बटेंगे
आशा काल्पनिक है, उम्मीद फ़र्ज़ी है
बावा भला न भैया, सब से भला रुपैया
व्यंगात्मक तौर पर पैसे की प्रशंसा में कहते हैं
बावा का
वंशानुगत, विरासत में मिला हुआ, वो चीज़ जिस पर दावा किया जाए, अपना, ज़ाती, व्यक्तिगत
चमगादड़ के घर आई चमगादड़ आ बुवा लटक रहें
बदों की सोहबत से नेकों पर आफ़त आती है बुरे नेकों के बहकाने और बिगाड़ने वाले होते हैं, जब किसी मेहमान को साहिब ख़ाना की वजह से बिप्ता उठानी पड़े यानी जो तकलीफ़ साहिब ख़ाना पर गुज़रे वही ये भी बर्दाश्त करे या रंज-ओ-तकलीफ़ पर क़नाअत करने पर भी कहते हैं
बिवाई फटना
एड़ी में ज़ख़्म पड़ना, तकलीफ़ होना, मुसीबत आना
बावा का क्या इजारा है
किसी को भी हमारे कार्यों को रोकने का अधिकार नहीं है
मरे बावा की बड़ी बड़ी आँखें
बाद इवफ़ात बुज़ुर्ग की बज़रगदाशत ज़्यादा करना
आप सूबेदार , बीवी झोंके भाड़
ऐसा व्यक्ति जो सामर्थ्य के बावजूद पत्नी के शांति और संतोष का ध्यान ना रखे, (स्त्रियों की भाषा में निखट्टू)
लड़का जने बीवी और पट्टी बाँधे मियाँ
दुख भरे कोई और लाभ उठाए कोई, एक दुख उठाए दूसरा मज़ा उड़ाए
लड़कों का बावा है
लड़कों से भी ज़्यादा शरीर है, बहुत ही शरारती है
रुवाँ न धुवाँ बीवी मारे जुवाँ
बेकार या निखट्टू है, कुछ नहीं करता धर्ता
रुवाँ न धुवाँ बीवी मारे जुँवाँ
बेकार या निखट्टू है, कुछ नहीं करता धर्ता
हज़रत बीवी की पुड़िया
(عو) اَبیر اور سین٘دور کی پڑیا جس پر کسی منّت کے لیے حضرت فاطمہؓ کی نیاز دلائی جائے
लड़का जने बीवी और पट्टी बाँधें मियाँ
दुख भरे कोई और लाभ उठाए कोई, एक दुख उठाए दूसरा मज़ा उड़ाए
लड़के जने बीवी और पट्टी बाँधें मियाँ
दुख भरे कोई और फ़ायदा कोई उठाए
दमड़ी की दाल बुवा पतली न हो
बहुत अधिक कंजूसी करने वाले पर कटाक्ष
मोज़ा का घाव बीवी जाने या पाँव
रुक : मौज़े का घाओ अलख, अपनी तकलीफ़ को इंसान ख़ुद अच्छी तरह समझता है
वाह बीवी तेरी चतुराई, देखा मूसा कहे बिलाई
वाह बीवी तेरी चालाकी भी देख ली कि चूहा देख कर बिल्ली बताती है
काँड़ी को कौन सराहे, कानी का बावा
अपनी बुरी चीज़ भी अच्छी लगती है
बाहर मियाँ सूबेदार घर में बीबी झोंके भाड़
मियाँ ठाठ से नवाब बने फिरते हैं बीवी भूखी रहती है या नसीबों को रोती है
मियाँ गए रवंद , बीवी गईं पट रवंद
ख़ावंद घर से बाहर जाएं तो बीवी भी चल देती है इस औरत के मुताल्लिक़ कहते हैं जो बहुत फुर्ती रहे
गुदड़ी से बीवी आईं शैख़ जी किनारे हो
सारा दिन तो बाज़ार में फुर्ती रही घर आ कर पर्दा याद आया
हाथ न मिट्ठी, बीवी हड़बड़ा के उट्ठी
रुक : हाथ ना मुट्ठी हलबलाती उठी
हाथ न मुट्ठी बीवी फड़फड़ा उट्ठी
रुक : हाथ ना मुट्ठी बीवी हड़बड़ा के उठी
आप मियाँ सूबेदार घर में बीवी झोंके भाड़
निर्धलता की स्थिति में अमीराना ठाठ बनाने या डींग हाँकने वाले व्यक्ति के लिए प्रयुक्त
आप मियाँ सूबे-दार, बीवी घर में झोके भाड़
घर में खाने को नहीं बाहर शान बघारते हैं
बाहर मियाँ सूबे-दार, घर में बीवी झोके भाड़
घर में खाने को नहीं बाहर शान बघारते हैं
मोज़े का घाव बीवी जाने या राव
ख़ानगी मुआमलात से आदमी ख़ुद ही ख़ूब वाक़िफ़ होता है, अपनी तकलीफ़ को इंसान आप ही अच्छी तरह समझ सकता है , राज़ राज़दार ही को मालूम होता है
बाहर मियाँ हफ़्त हज़ारी घर बीवी फ़ाक़ों मारी
मियाँ ठाठ से नवाब बने फिरते हैं बीवी भूखी रहती है या नसीबों को रोती है
मियाँ-बीवी की लड़ाई जैसे सावन-भादों की झड़ेक
मियाँ बीवी का झगड़ा थोड़ी देर के लिए होता है, आज लड़ाई तो कल मेल