खोजे गए परिणाम
"merii" शब्द से संबंधित परिणाम
मिरी
मेरी का संक्षिप्त (सामान्यतः ज़रूरत-ए-शे'री के कारणवश शायरी में प्रयुक्त)
मर'ई
जिसका लिहाज़ या ध्यान रखा जाय।
mra
Moral Re-Armament (देखिए )
मिरा
मेरा का संक्षिप्त (सामान्यतः ज़रूरत-ए-शे'री के कारणवश शायरी में प्रयुक्त)
मिरे
मेरे का संक्षिप्त (सामान्यतः ज़रूरत-ए-शे'री के कारणवश शायरी में प्रयुक्त)
मेरा
' मैं ' का संबंध-सूचक विभक्ति से युक्त सार्वनामिक विशेषण रूप
मेरो
ایک بیماری کا نام جو میرو مکھی کے کیڑے سے مویشیوں اور بکریوں میں پیدا ہوتی ہے جس میں کھال کے اندر گلٹیاں پیدا ہو جاتی ہیں ۔
मेरू
(ہنود) ایک فرضی پہاڑ کا نام جو ہندو دیو مالا میں عرش ِالٰہی سمجھا جاتا ہے اور سونے کا کہا جاتا ہے نیز ایک کوہستانی علاقہ جو ہمالیہ پہاڑ کے شمال میں ہے ، سمیرو ، سمیر پربت
मेरी जान
किसी को प्यार से संबोधित करते समय प्रयुक्त, निःसंकोच या समझाने के अवसर पर कहते हैं
मेरी सुनो
मेरी बात, उपदेश या प्रामर्श सुनो, मेरी बात सुनो, मेरी बात ध्यानपुर्वक सुनो
मेरी तक़दीर
(महिला) अपनी बदनसीबी ज़ाहिर करने के अवसर पर प्रयुक्त
मेरा ख़ुशी
۔ اُس موقع پر کہتے ہیں جب یہ کہنا ہو کہ کسی کا مجھ پر کیا قابو ہے جو میری خوشی ہے وہکرتا ہوں۔ ؎
मेरी-तेरी
मतभेद, झगड़ा तथा चर्चा या विवाद, बहस या तकरार
मेरी बला
(महिला) आमतौर पर क्रोध या इनकार में उपयोग किया जाता है, मुझे क्या?
मेरी मैदान
۔(ف) (کنایۃً) مرد دلاور وشجاع۔
मेरी तौबा
मैं बाज़ (विरत) आया, मैं बाज़ आई, मैं फिर गया, मैं उचाट हुँ
मेरी पापोश से
(अविर) बेपर्वाई ज़ाहिर करने के लिए मुस्तामल
मेरी ही गोद में मेरी डाढ़ी खसोटे
मुझ से लाभ और मुझे कोसती है, मुझ पर दोषारोपण करती है
मेरी दोनों मामीं
वह व्यक्ति जो किसी काम में किसी पर बाज़ी ले गया हो
मेरी जान गई
मैं मरी, मेरी ज़िंदगी चली, मेरी जान पर आ बनी, मेरा दम निकला, मुझे बहुत तकलीफ़ है
मेरी आँख से
اس نظر اور خصوصیت سے جو مجھے حاصل ہے ، جس طرح میں نے دیکھا تم بھی دیکھو ۔
मेरी आँखों से
۔ اُس نظر خصوصیت سے جو مجھ کو حاصل ہے۔ ؎
मेरी तरफ़ से
मेरी जानिब से, मेरी सिम्त से, मुझ से, मेरी ओर से
मेरी पैज़ार से
(अविर) बेपर्वाई ज़ाहिर करने के लिए मुस्तामल
मेरी जूती को ग़रज़ पड़ी है
रुक : मेरी जूती से जो फ़सीह है
मे'दी
معدہ سے منسوب یا متعلق، معدے کا
मेरी आँख से देखो
इस वक़्त भी बोलते हैं जब सामने रखी हुई चीज़ दिखाई ना दे
मेरी बला से
जूती की नोक से, मुझ से किया मतलब, मुझे कोई ग़रज़ नहीं, बेपर्वाई ज़ाहिर करने के लिए (उमूमन औरतों में मुस्तामल)
मेरी पापोश जाती है
(अविर) बेपर्वाई ज़ाहिर करने के लिए कहती हैं नीज़ नफ़रत या ग़ुस्सा, इनकार के मौके़ पर मुस्तामल
मेरी जान की क़सम
عورتیں اس طرح قسم دیتی ہیں
मेरी तरफ़ भी देखना
मेरा भी लिहाज़-ओ-पास करना, मुझ पर भी नज़र-ए-इनायत रखना, मेरा भी ख़याल रखना, मेरी ख़ातिर भी करना
मड़ी
खेत की मुंडेर जिसमें कृषि हो, मेंढ
मेरी क़िस्मत में बर्बादी है
۔बर्बाद होना। तक़दीर में लिखा है।
मेरी बला बुलाए
(स्त्रीवाची) मैं नहीं बुलाती, अरुचि और उपेक्षा के व्यक्त करने के अवसर पर प्रयुक्त
मेरी भत्ती खाए
कठोर सौगंध, मुझे पीटे, मुझे है है करे, मेरी भत्ती खाए अर्थात अगर मेरा कहा न करे तो मुझे मरा हुआ देखे (उदाहरण के रूप में स्त्रियाँ किसी को किसी काम के लिए विवश करने सौगंध दिलाने के लिए कहती हैं) सौगंध देते के समय प्रयुक्त
मेरी सी कहना
मुतकल्लिम की तरफ़-दारी करना
मेरी सूरत है
मेरे जैसी रूप है, मेरा हम-शकल है, मुझ सा है
मेरी तरफ़ से उस के दिल में चोर है
उसे मुझ से ख़ौफ़ है, उसे मुझ से डर है
मेरी बला जाने
बेज़ारी के इज़हार के लिए मुस्तामल, में क्या जानों, मुझे नहीं मालूम
मेरी तो ले दे के सारी कमाई यही हे
(अविर) एक या दो बच्चों वाली औरत कहती है और है से पहले उन का नाम या तादाद बयान करती है
मेरी क्या मजाल
मेरी ज़बान में इतनी ताक़त नहीं और मुझ में इतना साहस नहीं है
मेरी खाल क्यों खसोटता है
मुझको क्यों आरोपी करता है
मेरी शर्म उस के हाथ है
वह बात रख ले, सफल करदे, लाज रख ले
मेरी क्या हस्ती
मैं क्या चीज़ हूँ, मेरी क्या हैसियत, विनम्रता के अवसर पर प्रयोग किया जाता है
मेरी एक बोली, दो बोली, मेरी नकटी सटासट बोली
जब लड़की बहुत बातें करने लगे तो माँ कहती है
मेरी तेरे आगे , तेरी मेरे आगे
उधर की इधर लगाना, लगाई बुझाई करना
मेरी एक बोली दो होनी, मेरी नकटी सटासट बोली
अर्थात बड़ी बातूनी है, जो बराबर बोलती ही चली जा रही है, जो औरत बहुत बोले और दूसरे को न बोलने दे उस के संबंधित कहते हैं, जब लड़की बहुत बातें करने लगे तो माँ कहती है
मेरी बला लेती है
(औरत की भाषा) मुझे नहीं चाहिए, किसी चीज़ के लेने से इनकार के अवसर पर प्रयुक्त