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टट्टर खोलो निखट्टू आए

निकम्मे आदमी की हुकूमत हो तो कहते हैं, शेख़ी बहुत और हक़ीक़त कुछ नहीं, मूर्ख और निखट्टू हाकिम होते, सर खोल कर पीटने को तैयार रहो अब ज़ुल्म ही होगा, फ़ुज़ूलखर्च की निसबत कहते हैं

निखट्टू आए लड़ता, कमाऊ आए डरता

निकम्मा और न कमाने वाला हर समय बीवी से लड़ता रहता है और सज्जन कमाऊ आदमी लड़ता झगड़ता नहीं, वह शांत और विनम्र रहता है

टट्टर-बंदी

ये टाँग खोलो तो लाज , वो टाँग खोलो तो लाज

निखट्टू-पन

जम' के डुब्बू आँखें खोलो

जब एक चालाक और धूर्त व्यक्ति किसी भोले-भाले व्यक्ति को लूट ले और हाथ मलता रह जाए ऐसे अवसर पर बोलते हैं

आए न आए

आने और ना आने में शक होने के मौक़ा पर मुस्तामल

आए तो क्या आए

थोड़े समय ठहर कर चलते हुए, ऐसे आने से न आना अच्छा था

आप आए भाग आए

आप के आने से क़िस्मत खुल गई, आप का आना मुबारक है

आए मल जी आए

(व्यंगात्मक) ऊल-जलूल वेशभूषा में आने वाले व्यक्ति के लिए प्रयुक्त

आए न आए बराबर

आने से कोई हासिल या फ़ायदा नहीं हुआ, जैसे: लड़के ने सारे रुपय ख़र्च कर डाले हमारे लिए तो आए ना आए बराबर रहे

आए भी तो क्या आए

ज़रा सी देर रुक कर चले जाने के अवसर पर प्रयुक्त

अपने घु्टने खोलो आप ही लाजों मरो

रुक : अपनी टांग खोलो अलख

अब से आए घर से आए

जो हुआ सो हुआ, आगे नहीं होगा

आप कहाँ आए

रुक : आप से हम नहीं बोलते

आए गए

आने जाने वाला, आने जाने वाले, यात्री

आए-साल

आँधी आए बैठ जाए, मेंह आए भाग जाए

थोड़ी सी तकलीफ़ जिसे झील सकेो तो झोल लो और ज़्यादा हो तो अलग हो जाओ

आए तो जाए कहाँ

व्यर्थ किसी एक बात के पीछे पड़ जाना

आए-हाय

हाए-आए

आए वहाँ से

रुक: आए कहीं के

आए-लगाए

दूर की जान-पहचान वाले, बलपुर्वक की पैठ बैठाने वाले, ऐरे-ग़ैरे

मुँह आए जाना

रुक : मुँह आना जो फ़सीह है

बड़े-आए

बड़ा आया का बहु., व्यंगात्मक: इतनी हसियत नहीं है, कोई पद नहीं है

आए पड़ना

आए-अवाए

आए-दिन

सदैव, प्रतिदिन, हर रोज़, अधिकतर समय

आए-पीछे

आने के बाद, आने पर

कूएँ पर गए और प्यासे आए

जहां बड़े फ़ायदे की उम्मीद हो वहां से महरूम रहना, महरूमी-ओ-तिश्ना कामी

आए बाए खाट के पाए

अर्थहीन बातें, इधर उधर की बातें

क्यों आए हो

मुलाक़ात के समय मित्र से शिकायत व्यक्त करने के लिए इस प्रकार के वाक्य प्रयुक्त

आए कहीं के

रुक: आए बड़े कहीं के

कफ़न के काम आए

(कोसना) कफ़न पर उठे

मुँह धो के आए

(इस काम की) उम्मीद ना रखू, इस काबिल नहींहो, इस अमर की सलाहीयत पैदा करे

खोलो

कुँवें पर गए और प्यासे आए

जहाँ बड़े फ़ायदे की आशा हो वहाँ से वंचित रहने के अवसर पर बोलते हैं

मेरे आड़े आए

मुझे सज़ा मिले

कफ़न के काम आए

आए औसान ख़ता होना

बहुत घबरा जाना, हाथ पैर फूल जाना

आज गए कल आए

कुछ दिनों की बात है, ज़्यादा वक़्त नहीं लगा या नहीं लगता, चंद रोज़ की बात है, जल्द वापस आने के अवसर पर पर्युक्त

मियाँ के मियाँ गए बुरे बुरे सपने आए

मुसीबत पर मुसीबत पड़े तो कहते हैं

गुदगुदाइए हाँ तक जहाँ तक हँसी आए

आए होश-ओ-हवास भूलना

रुक: आए हवास जाना

जो जी में आए करना

आए आम जाए लबेदा

किसी न किसी तरह मतलब प्रप्त होना चाहिए कुछ ही क्यों न ख़र्च हो जाए

आए गए का सौदा

रुक: आई गई का सौदा

जो मुँह में आए कहना

सोचे समझे बगै़र बात करना, बोलिए में ग़ौर ताम्मुल ना करना

जो मुँह में आए बकना

सोचे समझे बगै़र बात करना, बोलिए में ग़ौर ताम्मुल ना करना

कौड़ी आए तो गुलगुले पकाएँ

थोड़ा बहुत रुपया पैसा, कुछ पाउं तो रंगरलियां मनाएं, रुपय पैसे की आमद पर ऐश की सूझती है

टट्टर

गाँवों, २-५४ UM देहातों आदि के कच्चे मकानों में दरवाजे के स्थान पर मार्ग अवरुद्ध करने के लिए लगाया जानेवाला बाँस की फट्टियों का चौकोर जालीदार ढाँचा

बजावे ख़ुनिया ढोलकी मियाँ ख़ैर से आए

(तंज़न) इस नाअहल शख़्स के लिए मुस्तामल जिस के हाथ से इत्तिफ़ाक़न कोई बड़ा काम सरअंजाम पाए, या निखटू् को छेड़ने के लिए

मुट्ठी बाँधे आए , हाथ पसारे जाए

जैसे ख़ाली हाथ आए वैसे ही ख़ाली हाथ गए, दुनिया में जैसे आता है वैसे ही ख़ाली हाथ जाता है

होश आए हुए जाना

बदहवास हो जाना, बदहवासी छा जाना

सहीह गए सलामत आए

जैसे गए थे वैसे ही आगए कुछ खोया ना पाया, बगै़र कुछ किए हुए पलट आए

'आएँ-'आएँ

कुत्ते कौओं को घिन आए

इंतिहाई ग़लीज़ , गंदा और घिनावना है

दीदे घुटनों के आगे आए

(अविर) एक किस्म का कोसना, बद दा-ए-मुराद : अंधा लंगड़ा होजाए

जो मुँह में आए सो कहना

छींकते गए छींकते आए

(हिंदू) बदशगुनी का बुरा ही नतीजा होता है, जैसी बदशगुनी से गए थे, वैसे ही पछताए

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में टट्टर खोलो निखट्टू आए के अर्थदेखिए

टट्टर खोलो निखट्टू आए

TaTTar kholo nikhaTTuu aa.eٹَٹَّر کھولو نِکَھٹُّو آئے

कहावत

टट्टर खोलो निखट्टू आए के हिंदी अर्थ

 

  • निकम्मे आदमी की हुकूमत हो तो कहते हैं, शेख़ी बहुत और हक़ीक़त कुछ नहीं, मूर्ख और निखट्टू हाकिम होते, सर खोल कर पीटने को तैयार रहो अब ज़ुल्म ही होगा, फ़ुज़ूलखर्च की निसबत कहते हैं
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English meaning of TaTTar kholo nikhaTTuu aa.e

 

  • said on the occasion when an idle or worthless person gets the power and authority, be ready for disorder or atrocity

ٹَٹَّر کھولو نِکَھٹُّو آئے کے اردو معانی

 

  • نکمّے آدمی کی حکومت ہو تو کہتے ہیں، شیخی بہت اور حقیقت کچھ نہیں، بیوقوف اور نکھٹو حاکم ہوتے، سر کھول کر پیٹنے کو تیار رہو اب ظلم ہی ہوگا، فضول خرچ کی نسبت کہتے ہیں

सूचनार्थ: औपचारिक आरंभ से पूर्व यह रेख़्ता डिक्शनरी का बीटा वर्ज़न है। इस पर अंतिम रूप से काम जारी है। इसमें किसी भी विसंगति के संदर्भ में हमें dictionary@rekhta.org पर सूचित करें। या सुझाव दीजिए

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