तोता मैना की कहानी
خیالی قصّہ ، من گھڑت باتیں.
तोता पढ़े मैना पढ़े , कहीं आदमी के बच्चे भी पढ़ते हें
ये व्यंग्य करते हुए उन योग्य बच्चों के बारे में कहा जाना है जो पढ़ने-लिखने से जी चुराते हैं और अपना पूरा मन नहीं लगाते आशय यह है कि जब पक्षी पढ़ सकते हैं तो मनुष्य के लिए पढ़ना क्या कठिन है
बातों के तोता मैना उड़ाना
किसी बात को हंसी में नज़रअंदाज करदेना, टालना, सन कर हंस देना और कुछ जवाब ना देना
क़ियास के तोता-मैना उड़ाना
काल्पनिक बातें करना, अनुमान लगाना, सामान्यतः ग़लत अनुमान लगाना, भ्रम में फँसना
बातों के तोता मैना उड़ाना
किसी बात को हंसी में नज़रअंदाज करदेना, टालना, सन कर हंस देना और कुछ जवाब ना देना
बातें करे मैना की सी, आँखें बदले तोता की सी
बातें तो उसकी बहुत अच्छी हैं परंतु बहुत बे-वफ़ा है
पढ़े तोता पढ़े मैना, कहीं सिपाही का पूत भी पढ़ा है
फ़ौजियों या उच्च कुल की संतानों के न पढ़ने पर व्यंग है
पढ़े तोता पढ़े मैना, कहीं पठान का पूत भी पढ़ा है
फ़ौजियों या उच्च कुल की संतानों के न पढ़ने पर व्यंग है
पढ़े तोता पढ़े मैना, कहीं आदमी के पूत ने भी पढ़ा है
फ़ौजियों या उच्च कुल की संतानों के न पढ़ने पर व्यंग है