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हाथ कंगन के लिए क्या आरसी

हाथ कंगन को आरसी क्या

(शाब्दिक) हाथ के कंगन को देखने के लिए आईने की ज़रूरत नहीं होती, अर्थात: जो बात ज़ाहिर हो उसके खोजने करने की क्या ज़रूरत है, जो चीज़ आँखों के सामने हो उसको क्या बयान करना

हाथ कंगन को आरसी क्या ज़रूर

हात कंगन को आरसी क्या

जो कुछ ज़ाहिर है उसे बयान करने की ज़रूरत नहीं होती (रुक : हाथ कंगन को आरसी किया)

नज़र-गुज़र के लिए

बुरी दृष्टी का प्रभाव दूर करने के लिए, दान-दक्षिणा के लिए, दान-पुण्य के लिए

पेट के लिए

आरसी तो हाथ में लो

रुक : आरसी तो देखो

ख़ुदा के लिए

ख़ुदा के लिए

हाथ में लिए फिरना

मैं मरूँ तेरे लिए, तू मरे वा के लिए

बेवफ़ा है, में इस पर जान देता हूँ मगर वो मेरी बजाय दूसरों पर तवज्जा देता है

ख़ुदा सब के लिए और बंदा अपने लिए

आदमी ख़ुदग़रज़ होता है, ख़ुदा सब का मुरब्बी-ओ-निगहबान होता है

हम अभी से फ़ातिहा के लिए हाथ उठाते हैं

(महिला) जब कोई झूट-मूट मरने की धमकी देता है तो औरतें कहती हैं

ख़ुदा के लिए मख़्सूस

(जीवित करने वाला) जिसे ख़ुदा के लिए विशिष्ट कर दिया गया हो (भेंट, नज़र, मन्नत)

हाथ में लगाए लिए चला जाना

आँख बचा के ले जाना, चुरा ले जाना

सब हाथ लिए बैठे हैं

मुसहफ़-ए-आरसी

आरसी-मुसहफ़

मुसलमानों के बीच विवाह की रस्म जिसमें दूल्हा और दुल्हन एक दूसरे के चेहरे को एक दर्पण में देखते हैं

कफ़न के लिए उठा रखना

कफ़न के लिए पस-अंदाज़ करना, कफ़न के लिए जमा करना

साथ के लिए भात चाहिए

ख़ाली हाथ क्या जाऊँ एक संदेसा लेता जाऊँ

स्पष्ट बात न कहना, ٖउस व्यक्ति के संबंध में बोलते हैं जो सभा में हर दिन एक नया चुटकुला या ढकोसला छोड़ता है

हाथ-कंगन

बतौर ज़ेवर औरतों के हाथ में पहनने के कड़े

आरसी-भवन

पैदा हआ ना-पैद के लिए

जो पैदा हुआ उसे ज़रूर मरना है

क्या कह के कोसूँ

रुक : किया कोसों

हाथ लिया काँसा तो भीक का क्या साँसा

۔मिसल।(ओ)जब गदाईआख़तयार करली तो फिर मांगने में क्या श्रम

हाथ लिया काँसा तो पेट का क्या साँसा

जब बेग़ैरती इख़तियार कर ली तो पेट पालने की क्या फ़िक्र

दिल हाथ में लिए रहना

राज़ी रखना, ख़ुश रखना

'अक़्ल के पीछे लाठी लिए घूमना

अक़ल काम दुश्मन होना, बे अकली की बातें करना

'अक़्ल के पीछे डंडा लिए घूमना

अक़ल काम दुश्मन होना, बे अकली की बातें करना

'अक़्ल के पीछे लठ लिए घूमना

अक़ल काम दुश्मन होना, बे अकली की बातें करना

राँड के आगे गाली क्या

रुक : रांड से प्रिय कोसना किया

क़सम खाने ही के लिए है

दग़ाबाज़ लोग क़सम खाने की कुछ पर्वा नहीं करते, झूटों का मक़ूला है कि क़सम खाने कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता झूटी हो या सच्ची

साथ के लिये भात चाहिये

बे ख़र्च किए रफ़ीक़ नहीं मिलता

हाथ में लिया काँसा तो पेट का क्या साँसा

जब बेग़ैरती इख़तियार की तो फिर मांगने में क्या श्रम

हाथ में लिये फिरना

(अश्लील) वासना से बेताब होना, वासना इच्छाओं का बहुत प्रबल होना

नाम के लिये

क्या आसमाँ के तारे हैं

कोई ऐसी दुनिया से निराली या नायाब चीज़ नहीं

आँख के आगे नाक सूझे क्या ख़ाक

सामने की वस्तु न दिखाई दे तो उस समय कटाक्ष के लिए कहा जाता है, आँख पर तो परदा पड़ा है, दिखाई क्या दे,जब कोई व्यक्ति देख कर काम न करे तो हंसी में कहा जाता है समानार्थी: अंधे हो

घड़ी भर के लिए

हाथ पर लिये फिरना

(फ़ुहश) औरत का जिन्सी फे़अल के लिए हरवक़त आमादा रहना , रुक : हथेली पर लिए फिरना

हाथ चाट-चाट के खाना

मज़े ले-ले के खाना

हाथ फैला-फैला के कोसना

निहायत ग़म-ओ-ग़ुस्से के साथ कोसने देना, दोनों हाथ फैला कर किसी के लिए बददुआ करना, हाथ उठा कर शिद्दत से कोसना

ये दिन सब के लिये है

मरना सब को है, ये दिन लाज़िमी है , रुक : ये दिन सब को धरा है

हाथ के संगल मुँह के प्यार

ज़ाहिर में मुहब्बत बातिन में दुश्मनी

हाथ लिया काँसा तो भीक का क्या आसा

जब गदाई इख़तियार करली तो फिर मांगने में क्या श्रम

आरसी-मुस्हफ़ देखना

आरसी-मुस्हफ़ दिखाना

ग़ैर के हाथ

ख़ुदा के हाथ

पराए शुगून के लिए अपनी नाक कटाना

जिस के सर हथियार उस का क्या ए'तिबार

सींग वाले जानवर का कुछ भरोसा नहीं जब चाहे मार बैठे

हल्वा खाने के लिए चाहिए

अच्छी चीज़ के लिए इस का अहल होना ज़रूरी है

हमेशा के लिए ख़ामोश हो जाना

मर जाना

क्या गुप-चुप के लड्डू खाए हैं

बोलते क्यों नहीं, ख़ामोश क्यों हो

हाथ में लिया काँसा तो पेट का क्या आँसा

जब बेग़ैरती इख़तियार की तो फिर मांगने में क्या श्रम

भाव-राव ख़ुदा के हाथ

(नर्ख़ और राजा) दोनों ख़ुदा ही के तरफ़ से होते हैं किसी के इख़तियार में नहीं होते

हाथ में लिया काँसा तो भीक का क्या साँसा

जब बेग़ैरती इख़तियार की तो फिर मांगने में क्या श्रम

हाथ में लिया काँसा तो भीक का क्या आँसा

जब बेग़ैरती इख़तियार की तो फिर मांगने में क्या श्रम

लंगर के हाथ

(कुश्ती) मुकदरों की एक विशेष व्यायाम जिसमें मुकदरों को सर के चारों ओर घुमाने के बाद सीधा करके हाथ नाभि तक (जो रूमाल बाँधने की सीमा होती है) उतार लाते हैं

हिन्दी, इंग्लिश और उर्दू में हाथ कंगन के लिए क्या आरसी के अर्थदेखिए

हाथ कंगन के लिए क्या आरसी

haath kangan ke liye kyaa aarsiiہاتھْ کَنْگَن کے لِیے کیا آرْسی

सूचनार्थ: औपचारिक आरंभ से पूर्व यह रेख़्ता डिक्शनरी का बीटा वर्ज़न है। इस पर अंतिम रूप से काम जारी है। इसमें किसी भी विसंगति के संदर्भ में हमें dictionary@rekhta.org पर सूचित करें। या सुझाव दीजिए

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