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पीं
पें 4 का शब्द, जो रोने, बाजा फंकने आदि से निकलता है।
पौ
ज्योति या प्रकाश की रेखा।
पाया
मर्तबा, प्रतिष्ठा, आदर, दर्जा
पए-हम
निरंतर, लगातार, बारंबार, बार बार, ताबड़तोड़
पड़ी
चुपचाप पड़े या सोये रहने की अवस्था या भाव
पड़ना
बिना संकेत किसी वस्तु का ऊपर से नीचे आकर टिक जाना, गिरना, आकाशीय वातावरण या किसी ऊँचाई से उतरा होना
पड़ती
कोई ऐसी खाली पड़ी हुई जमीन जो कभी जोती-बोई तो न गई हो, मगर प्रयत्नपूर्वक खेतीवाड़ी के योग्य बनाई जा सकती हो
पड़ता
आर्थिक दृष्टि से आय-व्यय आदि का औसत या माध्यम
पए 'इल्म चूँ शमा' बायद गुदाख़्त कि बे 'इल्म नतवाँ ख़ुदा रा शनाख़्त
इलम हासिल करने के लिए बहुत कोशिश करनी चाहिए कीवनका जाहिल ख़ुदा की क़ुदरत को नहीं समझ सकता
पहली
पहला का स्त्रैण रूप, इबतिदाई, प्रथम, शुरू का
पायाँ
‘पायान' का लघु, पूर्णता, शुरुआत से अंत तक
पायो
प्राप्त करना, फाँसना, तैयार करना, हो जाना
पाता
achieve, receive, know, obtain
पाना
कुछ प्राप्त करना; ग्रहण करना
पाती
पत्ता, पत्ती, चिट्ठी, पत्री, पत्र, निशान, पता
पानी
पानी, जल, प्राचीन विचारधारा के अनुसार चार तत्वों में से एक तत्व जो आधुनिक विज्ञान के अनुसार ऑक्सीजन एक भाग और हाईड्रोजन दो भाग का यौगिक तरल पदार्थ है (जिसका चिह्न HO2 है)
pah
इज़हार-ए-बेज़ारी या तनफ़्फ़ुर के लिए मुँह से बे-इख़्तियार निकलने वाली आवाज़
पाह
एक तरह का पत्थर जिससे लौंग, फिट करी, अफीम आदि घिसकर आंख पर लगाने का लेप बनाते हैं
पय्याँ
पांव, पैर का बहु., (प्रायः कविता में उपयोगित)
पनी
जिसने प्रण या व्रत धारण किया हो
पई
पौधों में से डोंडे, फूल आदि चुनने या तोड़ने का काम
पाना
वो लकड़ी जिसको लकड़ी चीरने वाला चीर में रख देता है, पचर
पय्ये
رک : پیّا جس کی یہ جمع یا مغیرہ حالت ہے تراکیب میں مستعمل .
पटाई
खेत या बाग़ में पानी पहुँचाने की मज़दूरी
पताई
वृक्ष या पौधे की ऐसी पत्तियाँ जो सूखकर झड़ गई हों, पताई लगाना, चूल्हे, भट्ठी आदि में सूखी पत्तियाँ झोंकना, पत्तों का ढेर, कूड़ा-करकट
पहुँचा
हाथ का वह भाग जो हथेली से जुड़ा रहता है، कलाई, गट्टा, मणिबंध
पाँव
इंसान और दो पैरों वाले जीवधारी के शरीर के निचले दो अंगों में से हर एक जो ज़मीन पर चलने का माध्यम है, चरण, पद
पहुँचना
(वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक विदु से चलकर अथवा और किसी प्रकार दूसरे विन्दु पर (बीच का ऐसा स्थान जहा तसवीर बहुत ऊचा किसी स्थान तक अवकाश पार करके) उपस्थित, प्रस्तुत या प्राप्त होना। जैसे-(क) रेलगाड़ी का दिल्ली पहुँचना। (ख) घड़ी की छोटी सूई का १२ पर पहुँचना। (ग) आदमी का घर या स्वर्ग पहुँचना।
पहुँचना
(वस्तु अथवा व्यक्ति का) एक विदु से चलकर अथवा और किसी प्रकार दूसरे विन्दु पर (बीच का ऐसा स्थान जहा तसवीर बहुत ऊचा किसी स्थान तक अवकाश पार करके) उपस्थित, प्रस्तुत या प्राप्त होना। जैसे-(क) रेलगाड़ी का दिल्ली पहुँचना। (ख) घड़ी की छोटी सूई का १२ पर पहुँचना। (ग) आदमी का घर या स्वर्ग पहुँचना।
पाएमाल
पैरों से रौंदा या कुचला हुआ, पाँव के नीचे मसला हुआ, पददलित, पदध्वस्त, पदक्रांत
पत्थर
' पत्थर ' का वह संक्षिप्त रूप जो उसे समस्त पदों के आरंभ में लगने पर प्राप्त होता है